Top 10 IAS Officers Who turned into Politician आईएएस अधिकारी जो बाद में नेता बने

Top 10 IAS officers who turned into Politician नेता बनने का कोई कोचिंग क्लास या कोटा फैक्ट्री नहीं है इसीलिए अच्छा नेता बनने में समय लग जाता है. शुरुआत में सब समाज सेवा कि भाव से आते हैं और समय के साथ स्वयं सेवा में लग जाते हैं. इसके बारें में फुर्सत से बात करेंगें. आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगें IAS Officers turns into politician.

Why IAS turns into a Politician?

आईएस अधिकारी और राजनेता के बीच बहुत गहरा सम्बन्ध होता है और कहते भी हैं संगत से गुण आत है और संगत से गुण जात. अब नेता तो UPSC परीक्षा और UPSC INTERVIEW के चक्कर नहीं काट सकता है लेकिन एक IAS अधिकारी जो हमेशा नेता के साथ रहता है उससे ज्यादा पढ़ा लिखा है समझदार भी है वह तो नेता के लिए भी कोशिश कर ही सकता है. इसके अलावे आईएस ऑफिसर को नेता की बात सुनना होता है, जो नेताजी बोले उसका पालन करो होता है. देश का सबसे कठिन परीक्षा पास कर के आईएस बना और अब एक पांचवीं पास कुख्यात अपराधी को सर जी सर करना होता है. ऐसे में स्वाभिमान को ठेस पहुचना स्वाभाविक है. और हो सकता है  शायद यह वजह रहा हो आईएस अधिकारी ने सोचा होगा हम नेता भी बनेंगें.  खैर जो भी हो लेकिन, कई ऐसे आईएस रहे जो जीवन के हर क्षेत्र में नाम कमाए और आईएस के पद को शोभायमान करने के बाद राजनीती में भी अपना किस्मत अजमाया और बहुत हद तक सफल भी रहे.

कई लोग जो प्राइवेट कंपनी में बेहतरीन पोस्ट पर कार्यरत होते हैं. कुछ लोग किसी B या C ग्रुप के सरकारी नौकरी में होते हैं. इसके बाद भी उन्हें UPSC का नशा लग जाता है और वो ऐसा शिकार होते हैं की UPSC Qualify करने के बाद ही रुकते हैं. यहां समझने वाली बात है जब आईएस आईपीएस के लिए लोग सर्वस्व समर्पित कर देते हैं तो नेता बनने के लिए आईएस आईपीएस की नौकरी समर्पित किया जा सकता है. क्यूंकि हमारे देश में नेता से ज्यादा इज्जत और सुविधा और किसी के पास नहीं है और शायद देश की तरक्की का वजह यही है. जी हां आपने बिलकुल सही पढ़ा अपना विचार नीचे कमेन्ट बॉक्स में जरूर बताना. नेता को मिलने वाला सुविधा, इज्जत माँ सम्मान और पैसा भी एक वजह हो सकता है जो UPSC Holders को भी अपनी ओर खीच रहा हो. पोलिटिक्स में पढ़े लिखे लोगों का आना भी जरूरी है जिससे लोकतंत्र बना रहे नहीं तो यह परिवार तंत्र हो जायेगा.

Top 10 IAS who turned into Politician

कई ऐसे आईएस ऑफिसर जो कुछ साल सेवा देने के बाद मतलब सिस्टम में काम करने के बाद सिस्टम चलाने की तमन्ना लिए राजनीति में किस्मत आजमाए और सफल भी हुए. सीधे तौर पर राजनीति में करियर बनाना मतलब बहुत मेहनत लग जाता है. लेकिन एक आईएस ऑफिसर के लिए राह थोड़ा आसान हो जाता है.

यशवंत सिन्हा 

बिहार कि राजधानी पटना में जन्में यशवंत सिन्हा का बाचपन का तो नहीं पता लेकिन, नौकरीशाह के बारें में सभी जानते हैं. इन्होनें 1960 में आईएएस से करियर कि शुरुआत कर 1984 तक इस पद को शोभायमान किया. 24 साल विभिन्न पदों पर रहते हुए वह जॉइंट सेक्रेटरी के पद तक पहुंचे लेकिन, बहुत दिनों तक नौकरशाही में मजा आया परिणामस्वरूप 1984 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया और जनता पार्टी से राजनितिक जीवन की शुरुआत किया. आईएएस बनने से पहले ये राजनीति शास्त्र के अध्यापक भी रहे हैं और इस ज्ञान का इस्तेमाल आपने राजनितिक जीवन में जम कर 1986 में पार्टी का जनरल सेक्रेटरी बने और जब 1989 में जब जनता दल बना तो उसमें जनरल सेक्रेटरी बनाये गए. 1988 में वह राज्य सभा मेंबर बने साथ ही 1990 – 91 में जनता दल के सदस्य के रूप में प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के केंद्रीय मंत्रिमंडल में वित्त मंत्री बने और बीजेपी में जाने से पहले अटल बिहारी वाजपेयी के अगुआई वाली एनडीए सरकार में वित्त मंत्री और 2002 में विदेश मामलों के मंत्री के रूप में काम किया.

yashwant sinha

जैसे डॉक्टर का बेटा डॉक्टर एक्टर का बेटा एक्टर वैसे ही अब हवा का रुख बदल गया है. अब आईएएस ऑफिसर भी आपने बेटे को राजनेता बनाना चाहता है. क्यूंकि देर से समझ में आया लेकिन दुरुस्त आया भारत देश में राजनेता से अच्छा कोई प्रोफाइल नहीं है. मेहनत करना है तो यहां करो. ऐसा ही यहां देखने को मिल रहा है. यशवंत सिन्हा के पुत्र जयंत सिन्हा सांसद के रूप में राजनितिक करियर की शुरुआत कर मंत्री पद भी हासिल कर लिए.

राज कुमार सिंह ( र.के.सिंह)

rajkumar singh

राज कुमार सिंह 1975 बैच के आईएएस अफसर हैं. इन्होंने सरकार में कई पदों पर कार्य किया और होम सेक्रेटरी के पद तक पहुंचे. लेकिन, 1990 में जब ये समस्तीपुर के जिला अधिकारी थे तब इन्होंने लाल कृष्ण आडवाणी को राम रथ यात्रा के दौरान गिरफ्तार किया था. इस वजह से इनका नाम चर्चा का विषय बन गया और देखते ही देखते समय ने नया करवट लिया और राज कुमार सिंह 2014 लोकसभा इलेक्शन के दौरान बीजेपी का हाथ थामते हुए चुनाव मैदान में उतर गए. 1975 बैच के आईएएस ऑफिसर जो बिहार कैडर में कार्यरत थे और बिहार के आरा लोकसभा से जीत दर्ज करने में भी कामयाब रहे.

डीएम (DM) क्या है? DM कैसे बने पूरी जानकारी हिंदी में

अर्जुन राम मेघवाल

arjun rammeghwal

इनका जन्म बीकानेर में  एक साधारण से परिवार में हुआ तथा राज्य की सिविल सेवा से प्रोमोट होने के बाद वह 1994 में आईएएस बने. राजस्थान सरकार के विभिन्न विभाग में नेताओं के साथ काम करते करते इन्होनें भी नेता बनने का निर्णय किया होगा. आखिर वो समय 2009 में आया जब ये राजनीति के लिए खुद को तैयार कर चुके थे. देश में हर तरफ मोदी लहर था. इस लहर में कई को किनारा मिल गया तो कई किनारे हो गए. बीकानेर से बीजेपी के टिकट पर मोदी लहर के साथ इन्हें भी किनारा मिल गया. सिर्फ इतना ही नहीं जब कोई आईएएस ऑफिसर राजनेता बनता है और सही से सिस्टम को चलाये तो बहुत कुछ हो सकता है और इनके साथ कुछ ऐसा ही हुआ. 2013 में इन्हें सर्वश्रेष्ठ संसाद के रूप में चुना गया. इसके साथ ही ये पर्यावरण प्रेमी है जैसा की आप तस्वीर में देख सकते हैं. जी हां ये ये साइकिल से संसद जाने के लिए प्रसिद्ध हैं.

क्या आप जानते हैं IAS Transfer Posting कैसे होता है?

अजित जोगी

ajit jogi

अजित जोगी पेशे से इंजीनियर और कॉलेज में गोल्ड मेडलिस्ट थे. कॉलेज के बाद अध्यापक बन गए, फिर मेहनत, जूनून और लगन के दम पर 1970 में आईएएस बने लेकिन तब तक आईएएस से राजनेता बनने का सफर शुरू हो चुका था और अजित जोगी जी भी राजनीति में कदम अजमाना शुरू कर दिये और एक सफल नेता बने. अजित जोगी छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री के रूप में पद भार ग्रहण करते हुए आपने राजनीतिक जीवन में बेहतरीन तरक्की किये लेकिन, 2014 में चंदू लाल साहू कि वजह से चर्चा में बने रहे. इसके बाद ‘छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस’ के नाम से अपनी पार्टी बनाई और यहां आपने बेटे अमित जोगी को भी शामिल किया. इसके अलावा इन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स के लिए कई लेख और कविताएं भी लिखे हैं.

शिक्षा ऋण Education Loan Kya Hai Education Loan Kaise Milega

डॉ श्रीकांत जिचकर

dr shrikant jichkar

महाराष्ट्र में जन्में जिचकर ने 1980 में आईएएस के पद मिलने के सिर्फ चार महीने बाद ही नौकरी छोड़ राजनीति में शामिल हो गए. महज 25 साल की उम्र में विधायक चुने गए और सबसे कम उम्र का विधायक भी बने. इसके अलावे इनके पास 20 से अधिक डिग्री थी जिनमें डॉक्टरी, और कानून की डिग्री शामिल है. क्या आप जानते हैं? इन्हें सर्वाधिक शिक्षित आदमी भी माना जाता है. इन्होंने महाराष्ट्र सरकार में राज्य मंत्री के तौर पर काम किया तथा एक साथ 14 विभाग अपने हाथ में लिए. इसके पश्चात 1992 में राज्य सभा के मेंबर चुने गए लेकिन, दुर्भाग्य वश 2014 में एक कार दुर्घटना में इनका देहांत हो गया.

मार्कशीट लोन क्या है और कैसे मिलेगा Marksheet Loan in Hindi

जयप्रकाश नारायण

jaya prakash narayana

आंध्र में जन्मे, पेशे से डॉक्टर जयप्रकाश नारायण ने 1980 में आईएएस ज्वाइन किया. आईएएस पद पर रहते हुए इन्होंने 16 साल तक सेवा कर सेक्रेटरी पद तक पहुंचे. समय काफी तेजी से बदल रहा था देश में राजनीतिक बदलाव बहुत तेजी से हो रहा था. चुनाव सुधर और सूचना के अधिकार में काम करने का बेहतरीन अनुभव था. इसी वजह से लोग इन्हें जानते भी थे. 2004 से 2006 तक ये नेशनल एडवाइजरी पैनल का हिस्सा रहे साथ ही विभिन्न अख़बारों में लेखक के तौर पर काम किये. और चुनावों को लेकर टी.वी. पर एक कार्यक्रम ‘प्रतिध्वनि’ भी प्रस्तुत कर चुके हैं. अक्टूबर 2006 में लोक सत्ता पार्टी नाम से अपना राजनीतिक पार्टी बनाये. राजनीतिक जीवन में 2009-2014 तक कुकटापल्ली से विधायक रहे.

समय का सदुपयोग कैसे करें ? Importance Of Time

जे सुंदर शेखर

j Sundara Shekhar

इनका जन्म आंध्र में हुआ और ये 1983 बैच के आईएएस थे. पश्चिम बंगाल कैडर के अधिकारी रहते हुए पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के सेक्रेटरी रहे और 2013 में रिटायरमेंट के साथ 2014 में राजनीतिक पारी का आगाज़ कर दिये. 2014 लोकसभा चुनावों के दौरान वाई एस आर कांग्रेस के रेड्डी को ममता से मिलाने में बड़ा योगदान दिया.

अल्फोंस कन्ननथनम

Alphons Kannanthanam

अर्थशात्र में अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद ये 1979 बैच में सफल होकर IAS Officer बने. 27 साल तक देश के विभिन शहरों में अपनी सेवा देने के बाद 2006 में आईएएस से इस्तीफा दिया और राजनीति का दामन थाम लिए. 2006 में कंजिरापल्ली से स्वतंत्र विधायक चुने गए और 2011 में बीजेपी ज्वाइन कर लिए. इसके अलावे अर्थशात्र से पोस्ट ग्रेजुएशन और कोट्टयम  में 100% साक्षरता करने के कारण काफी प्रसिद्ध रहे हैं. इनके इस कार्य के लिए उन्हें टाइम पत्रिका 1994 में 100 ‘युथ ग्लोबल लीडर’ के लिए चुना. डी.डी.ऐ. में रहते हुए इन्होंने 14000 से ज्यादा अनधिकृत भवनों को तोड़ा. इसके अलावे ये एक कुशल वकील भी हैं.

जेसुदास सीलम

jesudas seelam

जेसुदास सीलम आंध्र प्रदेश  से हैं. रासायन विज्ञान के अध्यापक के तौर कार्य करने बाद 1984 में आईएएस ज्वाइन किया सिर्फ 15 साल मतलब 1999 तक आईएएस अफसर का पद संभाला तथा कई विभागों में विभिन पदों पर कार्य किया. ये एक सामाजिक कार्यकर्ता भी रहे हैं और ‘स.अ.अ.स. परिवर्तन’ नामक गैर सरकारी संघटन से जुड़े हैं इन्होंने 1999 में राजनीति ज्वाइन की तथा कांग्रेस को राजसभा में आंध्र की तरफ से प्रतिनिधिव किया. इनको संसद में सेकेटरी जनरल रहते हुए ‘एड्स’ की सूचना के लिए अपने काम लिए भी जाना जाता है. संसद में सेक्रेटरी जनरल रहते इन्होंने पिछड़ी जाति के लोगों लिए भी बहुत कार्य किया.

देबब्रत कंठ

debrat kanth

देबब्रत कंठ भी आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं. ये 1987 बैच के आईएएस थे. इन्होंने मात्र 21 साल की उम्र में ओडिशा कैडर ज्वाइन किया. 20 साल की नौकरी के बाद ये नौकरशाही छोड़ राजनीति में शामिल हुए. अभी  ये कांग्रेस पार्टी के मेंबर हैं  तथा 2009 में जाजपुर से कांग्रेस की टिकट पर विधायकी के लिए चुनाव लड़े. इनकी पत्नी सोम्या मिश्रा ,आंध्र कैडर की एक आईपीएस ऑफिसर है.

Conclusion IAS Transfer Posting

सरकारी नौकरी में IAS officer की नौकरी सबसे उंची पोस्ट की नौकरी है. IAS OFFICER मतलब सोना पर सुहागा होना. लेकिन, हमारे देश भारत में राजनेता से ज्यादा भौकाल और किसी का नहीं है. यह एक बड़ा कारन हो सकता है IAS turns into politician. इसके अलावे आईएएस को एक पांचवी फ़ैल नेता को भी सुनना होता है. स्वाभिमान है कभी कभी ठेस बर्दास्त नहीं कर पाता है. वैसे यह ट्रेंड अब बहुत ज्यादा लोकप्रिय हो चुका है. एक आईएएस ऑफिसर आपने बेटे को आईएएस नहीं बना सकता है. लेकिन, नेता जरूर बना सकता है ! शायद ये भी एक वजह हो सकता है. कुछ लोग सिस्टम को सही करने के लिए भी आईएएस से राजनेता की तरफ रुख करते हैं.

You May Also Read

Rajiv Gandhi Khel Ratna Award Winners List in Hindi

किसी भी Exam की तैयारी कैसे करें?

5 बातें जो आपको सफल होने से रोकते हैं उनसे कैसे बचें Success Tips

Interesting Fact of World दुनिया की रोचक बातें !

सवेरे जल्दी उठने के दस फायदे और तरीके ! Top 10 Interesting of Early to Rise

अगर आप हमारी Website के Latest Update पाना चाहते है, तो आप अपनी Website Guruji Tips पर बने रहे यहां हम लगातार नई नई जानकारी शेयर करते रहते हैं.

यदि यह जानकारी आपको अच्छी लगी तो Spread the love Please Share...
Guruji Tips

Guruji Tips is a website to provide tips related to Blogging, SEO, Social Media, Business Idea, Marketing Tips, Make Money Online, Education, Interesting Facts, Top 10, Life Hacks, Marketing, Review, Health, Insurance, Loan and Internet-related Tips. यदि आप भी अपना Content इस Blog के माध्यम से publish करना चाहते हो तो कर सकते हो. इसके लिए Join Guruji Tips Page Open करें. आप अपना Experience हमारे साथ Share कर सकते हो. धन्यवाद !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *