Basic Computer Knowledge for SSC and Railway Examination

Basic Computer Knowledge for SSC and Railway Examination अपने देश भारत के कुछ राज्यों में सरकारी नौकरी का Craze बहुत ज्यादा है. लेकिन सबसे ज्यादा Government Job का Craze Bihar और Uttar Pradesh में है. आज के बदलते ज़माने में हर Sector Digital होता जा रहा है. ऐसे में Examination Department पीछे क्यूँ रहे. Railway और SSC जैसे Exams को Online कर दिया गया है. इस वजह से Students Computer Knowledge को भी प्राथमिकता दे रहे हैं. आज के Post में Computer के बारें में Basic Knowledge Share किया गया है.

Basic Computer Knowledge

History Of Computer

कंप्यूटर की हर एक पीढ़ी एक प्रमुख तकनीक पे आधारित है. जैसे-जैसे तकनीक का विकास होता गया वैसे-वैसे कंप्यूटर का संचालन आसन होता चला गया. जिसके परिणाम स्वरुप कंप्यूटर छोटा, सस्ता और अधिक शक्तिशाली होता चला गया. कंप्यूटर एक बहुत ही कुशल और विश्वसनीय उपकरण है. आज के इस आधुनिक युग में प्रत्येक विभाग में कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है.

Computer शब्द का जन्म अंग्रेजी भाषा के Compute शब्द से हुआ है, जिसका मतलब गणना करना है. मानव जाति के लिए गणना करना शुरू से ही कठिन रहा है. हम मानव एक सीमित स्तर तक ही गणना या कैलकुलेशन कर सकते है. ज्यादा बड़ी गणना करने के लिए हमें मशीन पर ही निर्बर होना पड़ता है. इन्ही जरूरतों को पूरा करने के लिए कंप्यूटर का आविष्कार किया गया.

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Abacus 

AbacusAbacus दुनिया का सबसे पहला कंप्यूटर था जो गणना कर सकता था. Abacus का निर्माण चीन के वैज्ञानिक ने किया था. इसमें लोहे के एक आयताकार फ्रेम में लकड़ी की गोलियां लगी लगी थी जिसे ऊपर निचे करके गणना किया जाता था. यानि की यह दुनिया का पहला ऐसा कंप्यूटर था जो की बिना बिजली के चलता था.

वर्ष 1822 में चार्ल्स बेबेज ने सबसे पहले Digital Computer बनाया पास्कलिन से प्रेरणा लेकर डिफ्रेन्सियल और एनालिटीकल एनिंजन का अविष्कार किया, उन्होंने 1937 में स्वचालित कंप्यूटर की परिकल्पना की जिसमे कृत्रिम स्मृति तथा प्रोग्राम के अनुरूप गणना करने की क्षमता हो, किन्तु हथर्न होलेरीथ ने भी पूरा किया ! पंचकार्ड की मदद से सारा कार्य खुद ही करने इलेक्ट्रोनिक टेबूलेशन मशीन का निर्माण किया गया! मतलब प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में Vacuum Tube या Vacuum Valve का प्रयोग हुआ.
1948 में Valve की जगह ट्रांजिस्टर का उपयोग किया जाने लगा ! इससे Vacuum Tube में होने वाले श्योर में पैदा होने वाली गर्मी से निजात पाया जा सका ! इसमें का खर्चीले और कम जगह घेरने वाले कंप्यूटर का निर्माण संभव हो सका !
1958 में ट्रांजिस्टर के स्थान पर सिलकोन चिप पर इंटीग्रेटेड सर्किट का उपयोग कंप्यूटर के क्षेत्र में किया जाने लगा | इसने कंप्यूटर के क्षेत्र में मूलभूत परिवर्तन तथा एक नयी क्रांति ला दी जिसको कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी कहा गया ! सिलकोन चिप निर्मित कंप्यूटर का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण इन्हें मिनी कंप्यूटर कहा जाने लगा.

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कंप्यूटर विकास की पहली सीढ़ी First Generation of Computer – (1940-1956) – Vacuum Tube
First Generation Computer

  • Electronic Signal को नियंत्रित और प्रसारित करने हेतु इस कंप्यूटर में Vacuum Tube का इस्तेमाल किया गया.
  • ये Tube आकर में काफी बड़े थे जिससे कंप्यूटर का आकर बहुत बड़ा होता था.
  • यह बहुत अधिक मात्र में गर्मी उत्पन्न करते थे
  • इनमे टूट-फुट तथा ज्यादा खराबी होने की संभावना रहती थी
  • इसकी गणना करने की क्षमता भी काफी कम थी.

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कंप्यूटर विकास की दूसरी सीढ़ी Second Generation of Computer – (1956-1963) – Transistor

  • Second Generation Computerइस दौरान के कंप्यूटरों में ट्रांजिस्टरों का प्रयोग किया जाने लगा था.
  • जो वाल्व्स की अपेक्षा अधिक सक्षम और सस्ते होते थे.
  • ट्रांजिस्टर का आकार वैक्यूम टूयूब्स की तुलना में काफी छोटा होता है.
  • जिससे कंप्यूटर छोटे तथा उनकी गणना करने की क्षमता अधिक और First Generation के अपेक्षा तेज संचालित होता था.
  • पहली पीढ़ी की तुलना में इनका आकार छोटा और कम गर्मी उत्पन्न करता था.
  • यह कंप्यूटर अधिक कार्यक्षमता व तेज गति के गणना करने में सक्षम थे.

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कंप्यूटर विकास की तीसरी सीढ़ी Third Generation of Computer – (1963-1971) – Integrated Circuit

  • third generation computerइस अवधि के कंप्यूटरो में IC (Integrated Circuit) का प्रयोग किया जाने लगा.
  • जिससे कंप्यूटर के कार्य करने की क्षमता बहुत अधिक बढ़ गयी.
  • यह समकालित चिप का विकास तीसरी पीढ़ी की महत्वपूर्ण आधार बनी.
  • कंप्यूटर के आकार को और छोटा करने हेतु तकनिकी प्रयास किये जाते रहे
  • जिसके परिणाम स्वरूप सिलकोन चिप पर इंटीग्रेटेड सर्किट निर्माण होने से कंप्यूटर में इनका उपयोग किया जाने लगा !
  • जिसके फलस्वरूप कंप्यूटर अब तक के सबसे छोटे आकार का उत्पादन करना संभव हो सका !
  • इनकी गति माइक्रो सेकंड से नेनो सेकंड तक की थी जो स्माल स्केल इंटीग्रेटेड सर्किट के द्वारा संभव हो सका.

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कंप्यूटर विकास की चौथी सीढ़ी Fourth Generation of Computer – (1971-1985) – Micro Processor

  • 4th Generation Computerचौथी पीढ़ी के कंप्यूटरों में माइक्रोप्रोसेसर का प्रयोग किया गया !
  • वी.एल.एस.आई. की प्राप्ति से एकल चिप हजारों ट्रांजिस्टर लगाए जा सकते थे.
  • VLSI (Very Large Scale Integration) के आविष्कार से एक ही सर्किट पे कई सारे Transistor लगाना संभव हो पाया.
  • जिससे कंप्यूटर का आकर बहुत ही छोटा हो गया.
  • कंप्यूटर का आकर छोटा होने से इसमें Heating की समस्या बहुत कम हो गयी.

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कंप्यूटर विकास की पांचवी सीढ़ी Fifth Generation of Computer – (1985-_____) – Artificial Intelligence

  • Fifth Generation Computerविकास की इस पांचवी अवस्था में कंप्यूटरों में कृत्रीम बुद्धि का निवेश किया गया है.
  • इस तरह के कंप्यूटर अभी पूरी तरह से विकशित नहीं हुए हैं !
  • इस तरह के कंप्यूटरों को हम रोबोट और विविध प्रकार के ध्वनि कार्यकर्मो में देख सकते हैं !
  • ये मानव से भी ज्यादा सक्षम है और आगे भी होता रहेगा.

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About the Author: Riya Jha

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